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क्या कांग्रेसी पार्षदों ने डुबोई अपने विधायकों की नईया…?

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लुधियाना विधानसभा क्षेत्र पूर्वी से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल जीत के सर्टिफिकेट के साथ।

कई कांग्रेसी पार्षद अब आम आदमी पार्टी में शामिल होने की कर रहें हैं तैयारी

कांग्रेसी पार्षदों को अपनी पार्टी में शामिल करने पर “आप” को हो सकता है बड़ा नुकसान

लुधियाना (ब्यूरो): लुधियाना शहर में कांग्रेसी पार्षदों ने ही अपने विधायकों को डुबाने में अपनी एक अहम भूमिका निभाई है। अगर राजनीतिक माहिरों की मानकर चलें तो लुधियाना के विभिन्न इलाकों के कांग्रेसी पार्षदों ने अपने ही इलाके में कोई बहुत अच्छी छवि नहीं बना रखी है। एक सर्वे के मुताबिक लुधियाना के विभिन्न वार्डों के ज़्यादातर लोग अपने कांग्रेसी पार्षदों के अड़ियल स्वभाव व ज़रूरत पड़ने पर लोगों के काम न करने इत्यादि जैसे कारणों की वजह से इसका खामियाजा उस इलाके के विधायक को भुगतना पड़ा है। आम जनता ने अपने इलाके के कांग्रेसी पार्षदों का गुस्सा सीधा अपने हल्के के विधायक पर वोटों के माध्यम से निकाला है जिसके नतीज़े अब बाहर निकल कर सबके सामने आ चुके है। अगर सूत्रों की मान कर चलें तो ज़्यादातर कांग्रेस पार्टी के पार्षद प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़े हैं और इन पार्षदों के सीधे जा फिर असिधे तौर पर सम्पर्क भू-माफिया के साथ भी है। लोगों की संपत्ति को हथियाना, उनपर नाज़ायज़ कब्ज़े करवाना। या फिर किसी गरीब व्यक्ति की मजबूरी का फायदा उठाकर उसकी संपत्ति को कौड़ियों के भाव खरिदना या फिर बेचना। अपने इलाके के गुंडों और बदमाशों को अपने राजनीतिक फायदे के मकसद से उन्हें शह देते हुए उनकी अपने विधयकों से कानूनी मदद करवाना। अपने दफ्तरों में बाउंसर बैठा कर मिलने आने वाले लोगों में दहशत बना कर रखना। इस तरह के अनेकों कारणों की वजह से कांग्रेसी पार्षदों के विधायकों को मुंह की खानी पड़ी है और आज यही वजह है कि वह लुधियाना जैसे बड़े इलाके में कोंग्रेसी विधायक अपनी एक भी सीट नहीं बचा पाए हैं. अगर सूत्रों की माने तो कांग्रेसियों की इतनी बड़ी हार को देखते हुए कुछ कांग्रेसी पार्षद अब आम आदमी पार्टी का दामन थामने के लिए तैयार खड़े हैं। इनमें से ज़्यादातर वो पार्षद है जो किसी समय में आम आदमी पार्टी के साथ रहें हैं और वो अपने पुराने संपर्क को भी अब फिर से एक बार एक्टिवेट कर वापिस आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ने के लिए बेकरार है।क्योंकि अब सभी कांग्रेसी पार्षदों को यह भली-भांति पता है कि अगर उन्हें अपने इलाके मे अपनी पार्षद की कुर्सी को बचा के रखना है तो उन्हें वक़्त रहते ही हर हाल में और जल्द से जल्द आम आदमी पार्टी का दामन थामना पड़ेगा। और अगर कहीं कांग्रेसी पार्षद आम आदमी पार्टी में किसी भी तरह से शामिल होने में कामयाब हो गए तो जो खामियाजा आज कांग्रेसी पार्षदों की वजह से उनके कांग्रेसी विधायकों को भुगतना पड़ा है तो आने वाले समय में यही नुकसान आम आदमी पार्टी के विधायकों को भी हो सकता है। क्योंकि कांग्रेसी पार्षदों की धूमिल छवी पार्टी बदल लेने के बाद भी उनका पीछा नहीं छोड़ेगी। इसलिए आम आदमी पार्टी को काफी सतर्कता के साथ और ठोक-बजाकर कांग्रेसी पार्षदों को अपने खेमें में शामिल करना होगा। हालाँकि कोंग्रेसी पार्षद आम आदमी पार्टी में शामिल होने के लिए लगातार उन विधायकों से सम्पर्क साध रहे हैं जो कांग्रेस पार्टी से आम आदमी पार्टी में गए हैं. गौरतलब है कि 10 मार्च के नतीजों ने कम से कम लुधियाना में तो कांग्रेस पार्टी को पूरी तरह से खत्म कर दिया है हालांकि अकाली दल फ़िर भी किसी तरह से हल्का दाखा में अपनी एक सीट बचाने में कामयाब रहा है। बहरहाल अब देखने वाली बात यह रहेगी कि अब कितने कांग्रेसी पार्षद आम आदमी पार्टी में शामिल होते हैं.

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Author: BHARTI

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